अक्षय तृतीया का महत्त्व
अक्षय तृतीया का महत्त्व लोकाभिरामं रणरङ्गधीरं राजीवनेत्रं रघुवंशनाथम् । कारुण्यरुपं करुणाकरंतं श्रीरामचंद्रं शरणं प्रपद्ये ॥ वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि अक्षय तृतीया कहलाती है। न क्षयः अक्षयः माना जाता है कि , इस दिन किए गए जप , तप , स्नान , दान पुण्यकर्मादि के फल में क्षय अर्थात न्यू नता न होकर वह अक्षय हो जाते हैं । ज्योतिष शास्त्र की दृष्टी से भी अक्षय तृतीया का दिन विशेष माना जाता है , क्योंकी इस दिन सूर्य और चंद्र दोनों अपनी उच्चराशि क्रमशः मेष और वृषभ राशि में होते है। इस दिन रोहिणी नक्षत्र का होना अत्यंत शुभ माना जाता है।...